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Guru Parichay
गुरु परिचय
परम पूज्य योगी अलखनाथ जी महाराज का जीवन परिचय
ॐ
नाथ संप्रदाय के हांडी भडंग गोत्र में अवतरित परम पूज्य योगी अलखनाथ जी महाराज का अवतरण राजस्थान की पावन धरा, हाड़ौती क्षेत्र के बारां जिले के बृजनगर ग्राम में गुरुवार, शुक्ल पक्ष नवमी, दिनांक 06 जुलाई 1995 को हुआ।
आपकी माताश्री का नाम श्रीमती चंद्रकला बाई एवं पिताश्री का नाम श्री रामकरण योगी है। आपके बड़े भ्राता श्री जोधराज योगी तथा छोटे भ्राता श्री ओमप्रकाश योगी हैं। परिवार में आपकी ज्येष्ठ बहन श्रीमती संजु बाई एवं आपके जीजाश्री श्री संतोष योगी हैं।
बाल्यकाल से ही आध्यात्मिक चिंतन, वैराग्य एवं साधना की ओर विशेष रुचि होने के कारण आपने गुरुवार, 07 जुलाई 2016 को गृहत्याग कर संन्यास मार्ग की ओर प्रथम कदम बढ़ाया। यह प्रेरणा एवं दिशा आपको अपने ब्रह्मलीन गुरुदेव परम पूज्य श्री श्री 108 श्री रामेश्वरनाथ जी महाराज से प्राप्त हुई।
इसके उपरांत गुरुवार, 06 जुलाई 2017 को आपने सांसारिक संपर्कों का त्याग कर "योगी अलखनाथ" नाम से नवजीवन का आरंभ किया तथा साधना, तप, अध्ययन एवं तीर्थ-भ्रमण की यात्रा प्रारंभ की।
गुरुवार, 05 जुलाई 2018 को अवंतिकापुरी उज्जैन स्थित नाथ संप्रदाय की पावन तपोभूमि, श्री पीर योगी राजा भर्तृहरिनाथ जी महाराज की भर्तृहरि गुफा मठ में, भेष बारह पंथ भर्तृहरि वैराग्य परंपरा के अंतर्गत, नाथ संप्रदाय के श्री श्री 1008 गादीपति पीर योगी रामनाथ जी महाराज के परम शिष्य परम पूज्य श्री श्री 108 श्री योगी महावीरनाथ जी महाराज से विधिवत संन्यास दीक्षा प्राप्त की।
आगे चलकर दिसंबर 2019 में परम पूज्य गुरुदेव श्री श्री 108 श्री योगी ज्वालानाथ जी महाराज के सानिध्य में श्री बगलामुखी धाम में चीरादर्शन एवं कुण्डल दीक्षा की महत्वपूर्ण आध्यात्मिक प्रक्रिया पूर्ण हुई।
तत्पश्चात योग, ध्यान, आत्मबोध, आयुर्वेद एवं जनसेवा के माध्यम से समाज जागरण का कार्य निरंतर गतिशील रहा।
जीवन यात्रा
प्रमुख घटनाएँ
06 जुलाई 1995
अवतरण दिवस
राजस्थान के बारां जिले के बृजनगर ग्राम में अवतरण
07 जुलाई 2016
गृहत्याग
संन्यास मार्ग की ओर प्रथम कदम
06 जुलाई 2017
नवजीवन प्रारंभ
"योगी अलखनाथ" नाम से नवजीवन का आरंभ
05 जुलाई 2018
संन्यास दीक्षा
उज्जैन भर्तृहरि गुफा मठ में विधिवत दीक्षा
दिसंबर 2019
कुण्डल दीक्षा
श्री बगलामुखी धाम में चीरादर्शन एवं कुण्डल दीक्षा
07 जुलाई 2022
स्वयं से परिचय दिवस
आत्मबोध का पूर्ण साक्षात्कार
17 मई 2024
श्री अलखनाथ आत्मबोध फाउंडेशन
प्रथम संस्था की स्थापना
07 फरवरी 2025
श्री अलखनाथ आयुर्वेदा OPC प्रा. लि.
प्रथम कंपनी की स्थापना
30 अक्टूबर 2025
नर्मदा परिक्रमा प्रारंभ
पवित्र नर्मदा परिक्रमा यात्रा का शुभारंभ
04 जून 2026
नर्मदा परिक्रमा पूर्णाहुति
परिक्रमा यात्रा का पूर्ण समापन
18 जून 2026
सार्वजनिक सेवा पुनः प्रारंभ
जनकल्याण कार्यों का पुनरारंभ